9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Keshav maurya
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9 अगस्त 2025 को रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त: 

रक्षाबंधन, भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत पावन और भावनात्मक त्योहार है जो भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र, समृद्धि और सफलता की कामना करती हैं, वहीं भाई बहन की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं। रक्षाबंधन के पर्व पर सही और शुभ मुहूर्त में राखी बांधना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शुभ फल की प्राप्ति होती है। रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा इस दिन क्या शुभ रहेगा क्या भद्राकाल रहेगा सारा डिटेल्स आप लोगों को इस ब्लॉक में देखने को मिलने वाला है

📅 रक्षाबंधन 2025 की तिथि:

शनिवार, 9 अगस्त 2025

हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह तिथि 9 अगस्त को पड़ रही है, जो कि शनिवार का दिन है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। Affiliates 

🕉️ पूर्णिमा तिथि का समय (2025):

श्रावण पूर्णिमा प्रारंभ: 9 अगस्त 2025 को प्रातः 10:48 बजे

श्रावण पूर्णिमा समाप्त: 10 अगस्त 2025 को प्रातः 08:53 बजे

इस प्रकार, पूर्णिमा तिथि पूरे दिन और रात्रि तक प्रभावी रहेगी। राखी बांधने की परंपरा इसी पूर्णिमा तिथि पर की जाती है।

⚠️ भद्रा काल की स्थिति 9 अगस्त 2025 को:

भद्रा काल वह समय होता है जिसे शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। विशेषकर रक्षाबंधन जैसे पर्व में भद्रा काल में राखी बांधने से बचना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि भद्रा में किए गए शुभ कार्य विफल हो सकते हैं या उसका अशुभ प्रभाव हो सकता है।

भद्रा काल प्रारंभ: सुबह 10:48 बजे

भद्रा काल समाप्त: शाम 09:04 बजे

इसका अर्थ यह है कि 9 अगस्त को सुबह 10:48 बजे से रात 9:04 बजे तक भद्रा काल रहेगा, जो कि लगभग पूरा दिन है। इस समय में राखी बांधना अशुभ माना गया है।

✅ राखी बांधने का शुभ मुहूर्त (भद्रा के बाद):

भद्रा समाप्त होने के बाद ही शुभ मुहूर्त प्रारंभ होता है, अतः रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित रहेगा:

शुभ राखी बांधने का समय: रात्रि 09:04 बजे से मध्यरात्रि तक (लगभग 12:00 बजे तक)

यदि आप चाहें, तो 10 अगस्त की सुबह (पूर्णिमा तिथि समाप्त होने से पहले) भी राखी बांध सकते हैं, लेकिन परंपरा के अनुसार उसी दिन राखी बांधना अधिक उत्तम माना जाता है।

📌 अन्य शुभ चौघड़िया मुहूर्त (रात्रि के बाद):

यदि किसी कारणवश 9 अगस्त की रात को राखी बांधना संभव न हो, तो 10 अगस्त की सुबह प्रातः 05:45 बजे से 08:53 बजे तक का समय भी शुभ माना जाएगा क्योंकि पूर्णिमा तिथि 10 अगस्त को सुबह 8:53 बजे तक ही प्रभावी रहेगी।




🌅 पूजा विधि और परंपरा:

राखी बांधने के समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि रक्षाबंधन का पर्व पूरी श्रद्धा और धार्मिक मर्यादा के अनुसार संपन्न हो।

1. पूजन सामग्री:

थाली में रोली, अक्षत (चावल), दीपक, मिठाई और राखी रखें।

रक्षा सूत्र (राखी) में कुमकुम और चावल का टीका अवश्य करें।

मिठाई में लड्डू, घेवर या कोई पारंपरिक मिठाई रखी जा सकती है।

2. राखी बांधने की प्रक्रिया:

भाई को पूर्व दिशा की ओर बैठाएं।

बहन पहले भाई को तिलक लगाए, फिर अक्षत चढ़ाए।

इसके बाद रक्षा सूत्र (राखी) भाई की दाईं कलाई पर बांधें।

राखी बांधने के बाद मिठाई खिलाएं और भाई की लंबी उम्र की कामना करें।

भाई बहन को उपहार या आशीर्वाद देता है।

🙏 धार्मिक महत्व और मान्यता:

रक्षाबंधन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक और सामाजिक बंधन है। पौराणिक कथाओं में रक्षासूत्र का उल्लेख भगवान विष्णु, इंद्र देव और यमराज जैसे देवताओं के साथ जुड़ा हुआ है।

इंद्राणी ने युद्ध में इंद्र की रक्षा के लिए रक्षासूत्र बांधा था।

द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को राखी बांधकर उनसे सहायता प्राप्त की थी।

यमराज और यमुनाजी की कथा भी रक्षाबंधन की महिमा को दर्शाती है।

📿 राशि अनुसार शुभ रंग और राखी सुझाव:

हर राशि के अनुसार कुछ विशेष रंगों और प्रकार की राखियां शुभ मानी जाती हैं। जैसे:

मेष: लाल या सिंदूरी रंग की राखी

वृषभ: सफेद या गुलाबी रंग

मिथुन: हरे रंग की राखी

कर्क: चांदी या सफेद रंग की राखी

सिंह: सुनहरे रंग की राखी

कन्या: पीली या हरे रंग की राखी

तुला: नीली या गुलाबी रंग की राखी

वृश्चिक: लाल या मैरून रंग

धनु: पीली या नारंगी राखी

मकर: काले या नीले रंग की राखी

कुंभ: बैंगनी या गहरे नीले रंग की राखी

मीन: हल्के हरे या सफेद रंग की राखी

🎁 भाइयों द्वारा बहनों को दिए जाने वाले उपहार:

राखी के बदले भाई बहनों को उपहार देते हैं जो स्नेह और सम्मान का प्रतीक होता है। इसमें कपड़े, गहने, पैसे, किताबें, गिफ्ट कार्ड, मोबाइल फोन, चॉकलेट आदि शामिल हो सकते हैं।





🌍 समाज में रक्षाबंधन का महत्व:

रक्षाबंधन का पर्व सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और स्त्री-सशक्तिकरण का प्रतीक भी है। कई राज्यों में यह पर्व सैन्य कर्मियों, पुलिस बल, और यहां तक कि राजनीतिक नेताओं के लिए भी मनाया जाता है। विद्यालयों और सामाजिक संस्थानों में भी यह पर्व भाईचारे और एकता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।

✅ महत्वपूर्ण बातें:

भद्रा काल में राखी न बांधें।

पूजा और राखी बांधने के समय मन में शुद्ध भाव रखें।

भाई-बहन एक-दूसरे के प्रति स्नेह, सहानुभूति और विश्वास बनाए रखें।

🔚 निष्कर्ष:

रक्षाबंधन 2025 में शनिवार, 9 अगस्त को मनाया जाएगा। हालांकि दिन में भद्रा काल होने के कारण शाम 9:04 बजे के बाद राखी बांधना श्रेष्ठ रहेगा। यदि रात्रि संभव न हो, तो 10 अगस्त की सुबह 8:53 बजे तक राखी बांध सकते हैं। यह पर्व केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते को सम्मान, प्रेम और सुरक्षा के बंधन में बांधने का अवसर है।


आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं। 🪔🎉




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