राम और हनुमान जी की पूजा मैं यह काम ना करने से होता है हानी जानिए पूरी जानकारी

Keshav maurya
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भगवान राम और हनुमान को पूजने पर क्या होता है....

 प्रेमानंद जी के द्वारा भगवान राम और हनुमान जी को पूजने या पर क्या होता है जीवन जीने के लिए उनका पूजन चाहिए कि नहीं चाहिए सारा डिटेल्स आप लोगों को ब्लॉक में मिलने वाला है..

भगवान राम और हनुमान जी को क्यों पूजते हैं...

 भगवान राम और हनुमान जी को इसलिए पूछते हैं क्योंकि भगवान राम जो है वह सरल स्वभाव के होते हैं सरल हृदय के होते हैं और सत्य मार्ग को बताने वाले होते हैं वहीं हनुमान जी भाई कष्ट और दरिद्रता यह सब दूर करने वाले होते हैं प्रेमानंद जी के द्वारा भगवान राम जो है भक्ति के प्रतीक है हनुमान जी राम जी को हमेशा जागते रहते हैं इसलिए इस भक्ति में शक्ति तो होती होती है जब कभी आप हनुमान जी की पूजा करते हैं तो सीधे राम जी तक पहुंचता है क्योंकि जब हनुमान जी राम-राम करते हैं तो उनको पूजने वाले सीधे राम जी तक पूजा पहुंचती है...


भगवान राम और हनुमान जी को पूजने में क्या लाभ मिलता है...

 भगवान राम और हनुमान जी को पूजने में शक्ति बाल साहस और शुद्ध कर्मों का फल मिलता है जो की जिंदगी में आगे चलकर बहुत कम आने वाली चीज होती है कुछ न कुछ जीवन में लाभ हानि तो लगा रहता है पर इन सब चीजों का ज्ञान भगवान राम और हनुमान जी के द्वारा ही मिलता है भगवान राम की पूजा करने से या हनुमान जी की पूजा करने से फल प्राप्ति का भोग नहीं होता है बल्कि अंतरमन से प्राप्त किया गया ही फल पूजा के योग्य है..

प्रेमानंद जी के द्वारा... 

प्रेमानंद जी के द्वारा बताए गए राम और हनुमान जी को पूजने में बहुत सारे कासन को दूर होता है जैसे की निर्मल मन स्वभाव और फल जो है वह इच्छा अनुसार कभी किसी को मिला नहीं है .


पूजा कैसे करें... 

पूजा करने के लिए सबसे पहले सुबह-सुबह उठकर नित्य काम करने के बाद स्नान करें स्नान करने के बाद पूजा घर में जाएं वहां पर जो है राम सीता लक्ष्मण हनुमान जी की मूर्ति होनी चाहिए उसके बाद उनका जल चढ़ाओ फूल चढ़ाओ राम नाम का जाप करो


हनुमान जी की पूजा कैसे करें. 

हनुमान जी की पूजा नित्य कम सुबह-सुबह वही नहाना फिर उसके बाद जो है हनुमान जी की पूजा के लिए चमेली का तेल सिंदूर यह सब लेकर जाएं और सिंदूर में लेप लगाए मूर्ति पर और उसके बाद जो है पूजा पाठ करने हनुमान जी का उसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें कम से कम तीन बार पांच बार सात बार 11 बार जितना हो सके उतना करें.





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