प्रेमानंद जी महाराज अपने विवाद पर क्या सफाई दिए जाने पूरी जानकारी

Keshav maurya
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प्रेमानंद जी महाराज ने हाल ही में जो विवादित बयान दिए थे, उस पर इन प्रमुख बिंदुओं में उन्होंने अपनी सफाई दी है


🔹 विवाद की शुरुआत क्या थी?


एक वायरल वीडियो क्लिप में महाराज जी ने कहा कि “100 में से केवल 2‑4 लड़कियां ही पवित्र होती हैं”। उन्होंने आधुनिक युवाओं की चरित्रशुद्धि पर सवाल उठाया और इसे पारंपरिक मूल्यों की गिरावट से जोड़कर प्रतिपादित किया ।Affiliates 


उन्होंने यह भी कहा कि युवा आज शीघ्रता से रिश्ते बदल लेते हैं, “चार पुरुषों से मिलने की आदत पड़ जाने से एक पति को स्वीकार करने की हिम्मत नहीं रहती” — एक प्रकार की तुलना भोजन-पद्धति से बताई गई ।

🔹 प्रेमानंद जी महाराज ने क्या सफाई दी?


महाराज जी ने स्पष्ट किया कि उनकी बातों को संदर्भ से बाहर निकालकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी महिला या आधुनिक युवा वर्ग का अपमान करने का “इरादा नहीं था” ।


उनका मुख्य संदेश declining moral values (नैतिक मूल्यों में गिरावट) पर था, न कि किसी विशेष वर्ग का अपमान करने पर। उन्होंने युवाओं के चरित्र के प्रति चिंता जताई और कहा कि उनका उद्देश्य समाज में नैतिकता व वफादारी की पुनर्स्थापना है ।


🔹 आलोचना और प्रतिक्रिया


सामाजिक मीडिया पर महाराज जी की टिप्पणियाँ व्यापक रूप से विवादित रहीं। कुछ लोग उनका समर्थन करते हैं कि वे सीधे-सच्चा संदेश दे रहे हैं, जबकि अन्य ने इसे लिंग‑विरोधी, आधुनिकता विरोधी रुख बताया ।


वृंदावन के अन्य संतों ने इस बात पर सदमे और नाराजगी जताई कि उनके कथन को गलत तरीके से फैलाया जा रहा है और कहा कि “संतों पर इस तरह के हमले सहन नहीं किए जाएंगे” ।

🔹 सुरक्षा और कानूनी मामला

विवादास्पद बयान के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी धमकियाँ आईं कि एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा: “मैं गला काट दूंगा”। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है ।


🔹 संक्षेप में — प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा?


विषय सारांश


97–98% लड़कियां अशुद्ध? उन्होंने कहा कि मूल वक्तव्य “100 में 2‑4 ही पवित्र” उदासीन प्रतीत हुआ, लेकिन पूरा कथन आधुनिक समाज की नैतिक गिरावट पर चिंतन था 

अपमान का उद्देश्य? नहीं — उनका जोर चरित्रशुद्धि, विश्वास व पारंपरिक मर्यादा पर था, न कि व्यक्तियों की तुलना करने पर 

गलतफहमियाँ / सोशल मीडिया वीडियो को context से अलग दिखाया गया; संत समाज एवं अनुयायियों ने इसे अवांछनीय बताया 

धमकी और सुरक्षा कथित जान से मारने की धमकी के बाद पुलिस कार्रवाई और समर्थकों में आक्रोश की स्थिति बनी 




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